What’s life? It’s a garden of fragility. Nothing is permanent – be it murkiness, nothingness or happiness. Life is meant to take you through various paths during its journey, and you are ultimately meant to enjoy treading on them – for it is after all a garden and gardens are known for their fragrance.
“The Garden of Fragility” is a collection of fifty poems written by Limca Book of Records Holder, Neelam Saxena, that make you understand the different facets of life. Buy Now…

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Splinters of a Broken Mirror

When the mirror of life breaks, it leaves you devastated. You only see your bleeding wounds; you ponder over why it was broken and you hear the reverberations of your grieving heart. However, what you fail to notice is the light emanating from each splinter. Let that light reach your heart and let it glow with happiness. With the strength of that light, a renewed mirror can appear miraculously and give you the courage to let your grief pass.

“Splinters of a Broken Mirror” is a collection of fifty poems written by Limca Book of Records Holder, Neelam Saxena , that make you aware of that inner strength. Buy Now

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जब ज़िंदगी का पैमाना नापने जाओ, तो पता चलता है कि इसका कोई स्थाई रूप ही नहीं होता यह तो हमारे ज़हन के अहसासों पर होता है कि ज़िंदगी के पैमाने को बड़ा कर दे या छोटा कर दे कभी यह नीले आसमान सी बड़ी हो जाती है, तो कभी यह तिनके की तरह छोटी यदि ध्यान से देखा जाए, तो यह रूह ही है जो ज़िंदगी के पैमाने को तय करती है पेश हैं नीलम सक्सेना चंद्रा और रेणु मिश्रा की पचास कवितायें जो आप की रूह को छू जायेंगी। Buy Now

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Mere Mahak Rahe alfaaz

अल्फ़ाज़ और महक? जी हाँ! अल्फ़ाज़ उन गुलों की तरह होते हैं जो अपनी महक से सारे गुलिस्ताँ को ख़ूबसूरत बना देते हैं| और ख़ुशबू किसे नहीं पसंद आती भला? रातों को जिस तरह महताब अपनी सुंदरता से सजा देता है, उसी तरह ख़ुशबू के बिना ज़िंदगी अधूरी सी है|
“मेरे महक रहे अल्फ़ाज़” यह लेखन के क्षेत्र में लिम्का रिकॉर्ड होल्डर नीलम सक्सेना चंद्रा की कलम से लिखे हुई छोटी-छोटी कवितायें हैं जो आपके दिलों को ज़रूर छू लें । Buy Now

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EK KADAM ROSHNI KI OUR

ज़िन्दगी ग़म और ख़ुशी – दोनों के साथ आती है| कभी ग़म का पलड़ा भारी होता है, तो कभी ख़ुशी का| जब ग़म ज़िन्दगी की शामों को बदरंग कर दे, तब ज़रूरत होतीहै अपने ज़हन में चमकते सूरज की ओर ध्यान देने की| एक क़दम रौशनी की ओर बढ़ाते ही, लाखों सुनहरे सूरज रूह में अपने आप खिल उठते हैं| इन्हीं एहसासों के साथ, लिम्का बुक ऑफ़ रिकॉर्ड होल्डर, नीलम सक्सेना चंद्रा अपनी पचास नज़्मों को,“एक क़दम रौशनी की ओर” नामक अपने काव्य संग्रह में पेश कर रही हैं| Buy Now

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कई बसंत देखे हैं मैंने – बसंत के महीने में जब खूबसूरत से पीले गुल हर तरफ़ खिल उठते हैं, तो ज़हन भी ख़ुशी से झूम उठता है| पर ज़िंदगी में हरदम तो बसंत नहीं रहता है ना? जब बसंत बीत जाता है, तो आफ़ताब के तेज  से हम क्या, क़ुदरत भी झुलस उठती है| यूँ तो बारिश भी मन को आशिकाना बना देती है, पर कभी-कभी वो भी बाढ़ साथ लेकर आती है| और फिर, ठंड के मौसम में तो हर तरफ धुंध ही धुंध छा जाती है|

यदि हम अपने ज़हन को ख़ुशी से लबरेज़ कर दें, और उसमें ही बसंत भर दें, तो चाहे बाहर कितनी ही विपरीत परिस्थितियाँ क्यों न हों, मन कभी हार नहीं मानेगा और मुसकुराते हुए गम के हर दरिया को पार कर लेगा|

अपने इन्हीं एहसासों के मोतियों को पचास नज़्मों की लड़ियों में पिरोकर, , लिम्का बुक ऑफ़ रिकॉर्ड होल्डर, नीलम सक्सेना चंद्रा, अपने काव्य संग्रह  “कई बसंत देखे हैं मैंने” में पेश कर रही हैं| Buy Now

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EHSAAS-AE-RUH

एहसासों से रूह लबरेज़ होती है। जिस्म कभी मुस्कुराता है, कभी निर्बाध हंसता है, कभी दर्द की चादर लपेट लेटा है, कभी रोता है, कभी चुप हो जाता है।पर रूह को यह एहसास होता है कि उसमें एक ऐसी ताकत है जो कभी भी जिस्म को जोश और जुस्तजू से भर दे।इन्हीं एहसासों को जब अलफ़ाज़ दे दिए जाएँ, वो नज़्म बन जाती है। ‘एहसास-ए-रूह’ यह लिम्का बुक की रिकॉर्ड होल्डर नीलम सक्सेना चंद्रा द्वारा लिखित पचास नज्मों का धनुक है जो रूह से निकली हैं। Buy Now

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THE STITCHED HEART

Life is bubble-box of experiences. Sometimes, you are victorious and your sheen has that golden glow. At other times, you lose. You are hurt by your own failures, or someone or some incident may give you enormous pains, making you feel emotionally crippled. Your heart often has to be stitched for you to live again. Stitching of heart is like Kintsugi, you tend to be far stronger than you originally ever were. The Stitched Heart is a collection of fifty poems written by Limca Book of Records Holder, Neelam Saxena Chandra, that will help you grow tougher. Buy Now

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THE FROZEN EVENINGS

There are evenings which just freeze. You sit on the banks of the river called life and simply observe within. You neither contemplate, nor worry about the weight of memories, nor procrastinate; you are just there in those instants. You undertake a journey within and let the thoughts just surface like a bubble and then vanish with the flow. “The Frozen Evenings” is a collection of fifty poems that written by Limca Book of Records Holder, Neelam Saxena Chandra, in such moments. Buy Now

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To listen to the mind or to the heart ? I am  sure most of us, at some time or the other in our life, have been confronted with this question, which was extremely difficult and challenging to answer. The heart, guided by the eternal soul, is happy to be in its own state. If one does not heed its feeble voice, it stays in its cocoon, reminding off and on that it does exist. For all practical purposes, it shuts itself. Buy Now… .

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कभी कभी जिंदगी में दर्द और गम इस तरह जाल में जकड़ लेते हैं कि उनसे निकल पाना असंभव सा लगता है| ऐसे समय पर अपने हौसलों को बुलंद रखना ज़रूरी होता है ताकि हर गम पिघल जाए| ‘मैं बहने लगी हूँ’ यह नीलम सक्सेना चंद्रा द्वारा लिखित पचत्तर कविताओं का इन्द्रधनुष है| यह कवितायें जोश, जुनून और जुस्तजू के साथ हर किसी को बहते रहने को कहती हैं कि कहीं गलती से रेग ना जम जाए| Buy Now…

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ज़िन्दगी धूप-छाँव है| कभी उम्मीद सूरज की तरह जगमगाती है, तो कभी आशा अंधेरों में मुरझा जाती है| इन दो किनारों के बीच, वक़्त के साथ हम नदी की तरह बहते रहते हैं| यूँ बहते-बहते,मन में कई एहसास उभरते रहते हैं| इन्हीं एहसासों को पिरोकर लिम्का बुक ऑफ़ रिकॉर्ड होल्डर, नीलम सक्सेना चंद्रा ने कुछ क्षणिकाएँ लिखी हैं,जिनको वे“मैंने पिरोये हैं अल्फ़ाज़” नामक काव्य-संग्रह के रूप में में अपने पाठकों को पेश कर रही हैं| Buy Now..

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जिस पल हमारा जनम होता है, उसपल से ही हमारी ज़िंदगी में एक अलाव जलने लगता है| अलाव की आगकभी धधक उठती है, तो कभी मद्धमपड़ जाती है; पर वो बुझती कभी नहीं है, क्योंकि उसके बुझते ही हम मिट्टी में समा जायेंगे| यह अलाव उम्मीद और आशा का प्रतीक भी है| ‘ज़िन्दगी का अलाव’ यह लिम्का बुक की रिकॉर्ड होल्डर नीलम सक्सेना चंद्रा द्वारा लिखित पचास कविताओं का इन्द्रधनुष है| यह कवितायें जोश, जुनून और जुस्तजू के साथ जीने के लिए कहती हैं| Buy Now …. View Book Trailer

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This book is in the Limca Book of Records

A collection of 55 Poems on different genres of life About the Author Simran Chandra studies in class XII and is a student of DPS, ELDECO, LUCKNOW. Writing poetry is her passion. One of her poems was published in an international anthology and a few others in national anthologies and magazines.  Buy Now…

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Butterflies of hope

Our heart is fragile, just like a butterfly. We go though many upheavals and nadirs in life. The poetry collection Butterflies of Hope is a collection of seventy-five poems which takes you through these crescents and bends of life.Buy Now….

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Asha ke pankh

Written wonderfully, Asha ke Pankh is a beautiful collection of poems all woven around the central theme “Hope”. Apart from Neelam Saxena Chandra, it also features poetry contributions from Ruchita Kajariya, Uma Jhunjhunwala, Anup Jalaan, Shalabh Saxena, Somya Vilekar, Kusum Goswami, Madhurima Jaypuriar, Amod Kumar Rai, Geeta Soori, Dr. Dipika Rani Garg, Mitika Kakkar. Buy Now….

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Dil se

नीलम सक्सेना चंद्रा एक इंजीनियर हैं व रेलवे में डायरेक्टर के पद पर कार्यकृत हैं| कवितायेँ एवं कहानियां लिखना आपका शौक है| आपकी सात सौ से अधिक रचनाएं विभिन्न राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय पत्रिकाओं में प्रकाशित हो चुकी हैं| तेईस पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं (दो नॉवेल, एक नॉवेला, आठ कविता संग्रह, पांच लघु कहानी संग्रह, चार बच्चों की कहानी की पुस्तकें)| विभिन्न पुरस्कारों से आपको सुशोभित किया गया है जैसे अमेरिकन एम्बस्सी द्वारा आयोजित काव्य प्रतियोगिता में गुलजारजी द्वारा पुरस्कार, रबिन्द्रनाथ टेगोर अन्तराष्ट्रीय काव्य पुरस्कार २०१४, रेल मंत्रालय द्वारा प्रेमचंद पुरस्कार, चिल्ड्रेन ट्रस्ट द्वारा पुरस्कार, इनके द्वारा लिखे गीत ‘मेरे साजन सुन सुन’ को रेडियो सिटी द्वारा फ्रीडम पुरस्कार इत्यादि| Buy Now….

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कभी कभी ज़िंदगी में ऐसा वक़्त भी आता है जब आस हमारा साथ छोड़ देती है, उम्मीद बुझ जाती है और जोश सूख जाता है| ऐसे समय पर हम अक्सर थक जाते हैं, हार जाते हैं और टूट जाते हैं| हम तब यह भूल जाते हैं कि हमारी रूह के अन्दर भी एक शमा है जो कभी नहीं बुझती| ‘एक शमा हरदम जलती है’ यह लिम्का बुक की रिकॉर्ड होल्डर नीलम सक्सेना चंद्रा द्वारा लिखित पिचहत्तरकविताओं का इन्द्रधनुष है| यह कवितायें जोश, जुनून और जुस्तजू के साथ जीने के लिए कहती हैं| Buy Now…. View Book Trailer

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नज़्म, ग़ज़ल और कविताओं को रचने के लिए बस कुछ अलफ़ाज़ ही तो चाहिए होते हैं, है ना? इन अलफ़ाज़ को बस एहसास के रंगों में डुबो देना होता है और एक खूबसूरत कहकशां बन जाती है! “मैंने रंग दिए अलफ़ाज़” यह नीलम सक्सेना चंद्रा द्वारा लिखी हुई कुछ क्षणिकाओं का संग्रह है| इसमें कुछ रंग जोश और जुनून के हैं तो कुछ रंग ख़ुशी के| कुछ रंग रूहानियत के हैं तो कुछ रंग मुल्क पर हैं| कुछ दर्द से भी भरे हुए हैं और कुछ मोहब्बत से भरे हैं| Buy Now…

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Silhouette of reflections

Silhoutte of Reflections A Beautiful collection of 175 ruminating poems which will touch your heart seriously!!! About the Author: Neelam Saxena Chandra Neelam Saxena Chandra is a talented writer! She completed her Engineering in Electronics and Power Engineering from V.N.I.T., Nagpur. Buy Now…

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‘टाँके हैं कुछ सितारे’ यह नीलम सक्सेना चंद्रा द्वारा लिखित पचत्तर कविताओं का संग्रह है| यूँ तो रात में आसमान मलिन और काला हो जाता है और अक्सर ऐसा लगता है जैसे नाउम्मीदगी से भर गया हो| पर जब नज़र तारों पर पड़ती है, तो अचानक यूँ लगता है जैसे आसमान भी झिलमिलाने लगा है| इस संग्रह की कवितायें हमारा इन्हीं सितारों से परिचय करवाती हैं|  Buy Now..

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‘The Purple Moon’ is a collection of a hundred poems which emote the different sentiments and phases of love. What really is love? It is a feeling most difficult to define; it is a sentiment, to be felt, smelled, drunk and tasted – for it is the most subtle emotion. , When one is in love for the first time, many raw feelings enwrap him or her. One may just be crazy, have a simple desire to meet the sweetheart or may just feel something very divine. Buy Now…

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The Delicate Wings

‘The Delicate Wings’ is a collection of one hundred poems which talk about the struggles, the conflicts and the efforts required to maintain the delicate balance between the grief and the desire to soar, the downfalls and the confidence to rise once again and the several ways and approaches to control losing to pessimism and disenchantment Buy Now..

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Inside the soul burns a sun which is a source of unbound and limitless energy. One has to learn to channelize this energy into positivity to attain a state of exuberance. While in the process, one contemplates, dreams, falters, but ultimately learns to rise and soar high. “The Soul Unbound” is a collection of fifty poems that describe the cycle of existence struggle written by Neelam Saxena Chandra, who holds a place in the Limca book of Records. Buy Now...

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‘बुलबुले ख़यालों के’ यह नीलम सक्सेना चंद्रा द्वारा लिखित पचत्तर नज़्मों का संग्रह है| ख़याल तो छोटे छोटे बुलबुलों की तरह ही मन में उपजते हैं| और दिल से निकले हुए यह बुलबुले कभी-कभी देखते ही देखते दरख़्त का रूप भी ले लेते हैं| जिस तरह दरख़्त के नीचे बैठने से जिस्म को आराम मिलता है और रूह को चैन, उसी तरह ख़यालों के इन अल्फाजों से भी ज़हन को संतुष्टि मिलती है| Buy Now.

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कहते हैं कि गीतों बिना ज़िंदगी अधूरी है। गीत जीवन में मुस्कान बिखेर देते हैं। सुर, लय और साज़ एक सुखद अनुभूति देते हैं और अल्फ़ाज़ दिल के तारों को छू जाते हैं। गीत सिर्फ समय बिताने के लिए नहीं होते, यह रूह में झाँकने का एक मार्ग हैं। गीतों का न कोई दायरा होता है, न कोई सीमा। यह ना कोई दिशानिर्देश सुनते हैं न कोई नियमावली। गीत लिखने के मेरे इस शौक को तब एक नया आयाम मिला जब शंकर टकर ने मुझे गीत लिखने का मौक़ा दिया और हमारे एल्बम ‘मेरे साजन सुन सुन’ को रेडिओ सिटी द्वारा फ्रीडम अवार्ड प्राप्त हुआ। यह समझ लीजिये कि ‘गीत गाता चल’ यह इसी एल्बम का विस्तार है। इस संग्रह में मैंने प्रीत और प्रेम के अनेक रूपों पर कुछ पर गीत लिखने का प्रयास किया है। Buy Now...

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जिंदगी किसी एक रंग से सजी हुई नहीं होती| जिंदगी कई रंगों का मिला जुला रूप है जैसे दर्द, ख़ुशी, जोश, और मोहब्बत| इन्हीं रंगों को तराशते हुए नीलम सक्सेना चंद्रा ने कुछ अलफ़ाज़ तराशे हैं|   Buy Now…

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Katraney zindagi ki

‘कतरनें ज़िंदगी की’ यह नीलम सक्सेना चंद्रा द्वारा लिखित पचत्तर कविताओं का इन्द्रधनुषहै| यह सच है कि ज़िंदगी कतरनों से बनी होती है और टुकड़े-टुकड़े मिलकर उसे एक स्वरुप देते हैं| ज़िंदगी के इस बंधन में कुछ धागे तो साफ़ नज़र आते हैं, पर कुछ धागे साधारण आँखों से नज़र नहीं आते| फिर अक्सर यह धागे उधड़ भी जाते हैं और उनको सीते रहना होता है| ‘कतरनें ज़िंदगी की’ कुछ ज़िंदगी के इस जोड़-तोड़ को दर्शाती पचत्तर नज्मों का संग्रह है| Buy Now….

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कभी कभी जिंदगी में दर्द और गम इस तरह जाल में जकड़ लेते हैं कि उनसे निकल पाना असंभव सा लगता है| ऐसे समय पर अपने हौसलों को बुलंद रखना ज़रूरी होता है ताकि हर गम पिघल जाए| ‘मैं बहने लगी हूँ’ यह नीलम सक्सेना चंद्रा द्वारा लिखित पचत्तर कविताओं का इन्द्रधनुष है| यह कवितायें जोश, जुनून और जुस्तजू के साथ हर किसी को बहते रहने को कहती हैं कि कहीं गलती से रेग ना जम जाए| Buy Now...

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Main hawa ho gayi hun

मैं हवा हो गयी हूँ’ यह नीलम सक्सेना चंद्रा द्वारा लिखित पचत्तर कविताओं का गुलदस्ता है| हर कवि की एकखासियत होती है – वो अपनी कविता, नज़्म, गीत और ग़ज़ल द्वारा किसी भी रूप और आकार में खुद को ढाल सकता है बिलकुल उस तरह जिस तरह हवा बहते-बहते कहीं भी पहुँच सकती है| हवा अपने भौतिक रूप से अपने मन के भाव को बयान कर सकती है, पर कवि के पास तो अलफ़ाज़ ही होते हैं जिससे वो अपने ज़हन के एहसासों का इज़हार कर सकता है| ‘मैं हवा हो गयी हूँ’ यह नीलम सक्सेना चंद्रा के कुछ ऐसे ही एहसासों से पिरोया गया है| Buy Now…

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Preet pakhi

This book is a collection of soulful, subtle poems through which the author has expressed the warmth of Love. She has penned down the emotions and the feelings in a lovely manner. ” Preet Pakhi” is delightful book of poems with an essence of depth and reflection.Buy Now..

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Nikita Saxena is basically a Prosthetist and Orthotist, working in Government Medical College and Hospital, Nagpur as a Biomechanical Engineer. In her free time, she likes to do photography and write about what she clicks. She believes that every momentous capture tells its own story and she is just a channel unfolding a verse in the unchained melodies. Her photographs have been collaborated earlier too with the poems of her sister Neelam Chandra in two of her books. Buy Now..

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Mahabharat is an epic which continues to interest everyone. Each character is unique and his/her personalities and traits are worth studying in details. It is these individual characteristics which play a very important role in the final war and its outcome. Tales of Eon is a collection of poems signifying the uniqueness of the important characters of Mahabharata. The complete collection is in three parts and this is the first one. Buy Now..

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Zindagi ki kalam se

The book consists of poems written by four different authors in various genre such as social, romance, inspiration and philosophical. The poems touch the various colors of life and presents a panoramic view. Buy Now..

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कभी कभी ज़िंदगी में बड़ा अच्छा होता है अपने सारे बंधनों से मुक्त होकर ख़ुद को निर्बाध छोड़ देना और वो सब काम करना जो मन में जोश भर देते हैं| ज़िंदगी में खुशियाँ बड़ी ही छोटी छोटी चीज़ों से मिलती हैं, है ना? ‘आज बादल बन बरस जाना है’ यह लिम्का बुक की रिकॉर्ड होल्डर नीलम सक्सेना चंद्रा द्वारा लिखित पचास कविताओं का गुलदस्ता है| यह कवितायें बादलों की तरह मन में जोश, जुनून और जुस्तजू भर देती हैं| Buy Now… View Book Trailer

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The soul is the center of energy, from which flows different emotions rummaging the eternal peace. In this ultimate quest, sentiments not just pass but also change through the vagaries of time. “Trove of Musings” is a collection of such pure feelings in the form of poems penned by Raksha Hegde and Neelam Saxena Chandra, the two wonderful poets. Buy Now…

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Misty Moments

Life is an amalgamation of moments. Not all moments can be beautiful and vivacious – some are covered with gloom and darkness. However, you never know what the next moment will bring before you…after all, the moments are misty! It’s the way you deal with the moments that makes you what you are. “Misty moments” is a collection of seventy five poems from the pen of Limca Book Record Holder, Neelam Saxena Chandra. Buy Now…

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Hues Of Hues

Love cannot stand alone as an emotion. It comes in combination of emotions such as compassion, hatred, empathy, expectations, adoration, anticipation, sympathy and so on and so forth.

Love can be compared to the concept of white light, which consists of several  other lights such as Violet, Indigo, Blue, Green, Yellow, Orange and Red. Only when these colors are mixed in proper proportion do we get a white light. Buy Now…

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